NEET-UG पेपर लीक : IIT मद्रास के डेटा एनालिसिस में नहीं मिली कोई सामूहिक गड़बड़ी - केंद्र का SC में हलफनामा

केंद्र ने नीट यूजी मामले में सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल किया. कहा कि आईआईटी मद्रास द्वारा किए गए डेटा विश्लेषण में कोई असामान्यता या कोई सामूहिक गड़बड़ी नहीं दिखाई गई केंद्र ने उठाए गए मुद्दों पर विचार करने के लिए 7 सदस्यीय विशेषज्ञ पैनल का प्रस्ताव रखा है ताकि भविष्य में इस तरह की कोई लीक न हो.

काउंसलिंग प्रक्रिया जुलाई के तीसरे सप्ताह से शुरू होकर चार राउंड में आयोजित की जाएगी यदि किसी उम्मीदवार के बारे में यह पाया जाता है कि वह किसी गड़बड़ी से लाभ उठाया है तो ऐसे व्यक्ति की काउंसलिंग प्रक्रिया के दौरान या उसके बाद भी किसी भी स्तर पर रद्द कर दी जाएगी.

सरकार ने कहा कि गड़बड़ी में शामिल लोगों की पड़ताल डाटा एनालिसिस के जरिए करने के लिए मद्रास आईआईटी से गुजारिश की गई है.  जिनको ज्यादा नंबर आए हैं उनका डाटा विश्लेषण बताता है कि बड़ी अनियमितता नहीं हुई है. क्योंकि ग्राफ ऊपर उठने के साथ ही जल्दी ही नीचे गिर जाता है. यानी घंटी के आकार का ग्राफ है.

केंद्र सरकार ने कहा है कि जांच के साथ ही एहतियातन नीट काउंसिलिंग भी जुलाई के तीसरे हफ्ते में कराने का निर्णय लिया गया है. काउंसलिंग चार चरणों में होगी. ताकि किसी भी किस्म की गड़बड़ी का फायदा उठाकर आने वाले छात्र की पहचान और पड़ताल इन चार चरणों में हो ही जाए. जहां पता चला वहीं उसे बाहर कर दिया जाएगा.

केन्द्र सरकार दोबारा परीक्षा के समर्थन में नहीं

केंद्र ने कहा है कि वह यह सुनिश्चित कर रहा है कि 23 लाख अभ्यर्थियों पर ‘अप्रमाणित आशंकाओं' के आधार पर दोबारा परीक्षा का बोझ न डाला जाए. केन्द्र सरकार ने कहा है कि वो ये सुनिश्चित कर रहा है कि गलत तरीके से फायदा उठाने के दोषी किसी भी अभ्यर्थी को कोई लाभ न मिले.



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