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Showing posts from November 22, 2020

अंकिता लोखंडे ने सुशांत सिंह राजपूत को ट्रिव्यूट देने के लिए तैयार की परफॉर्मेंस, बोलीं- यह दर्दनाक है...

टीवी की जानी-मानी एक्ट्रेस अंकिता लोखंडे (Ankita Lokhande) इन दिनों सोशल मीडिया पर... from NDTV Khabar - Latest https://ift.tt/3fLZeTZ via IFTTT

किसानों के प्रदर्शन की एक और रात, दिल्ली के बॉर्डर पर ही जमे हुए हैं अधिकतर किसान

दिल्ली की सीमाओं पर हजारों की संख्या में किसान जमे रहे, शनिवार दिन में उनकी... from NDTV Khabar - Latest https://ift.tt/39pfI2Y via IFTTT

"Vicious" Campaign Against Me: Umar Khalid In Court On Delhi Riots Case

Former JNU student leader Umar Kahlid alleged before a Delhi court on Saturday that there has been a "vicious" media campaign against him in various newspapers and on TV channels about his alleged... from NDTV News - India-news https://ift.tt/3qcmKOL via IFTTT

Case Against Haryana Farmers' Leader Amid Massive Protest

A case has been filed against Haryana Bhartiya Kisan Union (BKU) president Gurnam Singh Chaduni for his alleged involvement in the farmers' agitation in the state in protest against the new farm laws. from NDTV News - India-news https://ift.tt/2Vd60bF via IFTTT

Centre Should Come Forward With Open Heart, Not On Condition: Farmers

Hours after Union Home Minister Amit Shah appealed to the farmers' union to gather on Nirankari Samagam Ground in Burari on the outskirts of Delhi, saying the Centre was ready to hold talks even... from NDTV News - India-news https://ift.tt/3lhGL2D via IFTTT

लद्दाख में मार्कोस कमांडो तैनात; सी-प्लेन सर्विस एक महीने में ही ठप और BMC मेयर ने कंगना को कहे अपशब्द

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नमस्कार! प्रधानमंत्री मोदी ने देश में बन रहीं कोरोना वैक्सीन का डेवलपमेंट जानने के लिए अहमदाबाद, हैदराबाद और पुणे में विजिट की। उधर, केंद्र ने दिल्ली बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे पंजाब-हरियाणा के किसानों से बातचीत की पेशकश की। बहरहाल, शुरू करते हैं न्यूज ब्रीफ। आज इस इवेंट पर रहेगी नजर भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेली जा रही 3 मैच की वन-डे सीरीज का दूसरा मुकाबला आज सिडनी में खेला जाएगा। उत्तराखंड में आज से एंट्री से पहले कोरोना टेस्ट करवाना अनिवार्य। बॉर्डर पर तैनात पुलिसकर्मी बाहर से आने वाले हर यात्री की जांच करेंगे। मध्य प्रदेश के बौद्ध तीर्थस्थल सांची में आज से महाबोधि वार्षिकोत्सव शुरू होगा। 68 साल में पहली बार विदेशी धर्मगुरु और भक्त नहीं पहुंच सके। देश-विदेश लद्दाख में चीन की घेराबंदी, मार्कोस कमांडो तैनात नेवी ने ईस्टर्न लद्दाख में पैंगॉन्ग झील के पास सबसे खतरनाक मार्कोस कमांडो तैनात कर दिए हैं। मार्कोस को दाढ़ी वाली फोर्स भी कहा जाता है। यहां एयरफोर्स के गरुड़ कमांडो और आर्मी की पैरा स्पेशल फोर्स पहले से मौजूद है। चीन की चालबाजी देखते हुए यहां ताकत बढ़ाई जा रही है। केंद...

कोरोना हो या किसान, हर मर्ज की दवा पाकिस्तान

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एजुकेशन के लिए परिश्रम, लगन और साधन के साथ ही भाषा और लक्ष्य भी स्पष्ट होना चाहिए

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कहानी- डॉ. भीमराव अंबेडकर के छात्र जीवन से जुड़ी घटना है। अंबेडकर अमेरिका में पढ़ाई कर रहे थे। उस समय वे एक मात्र विद्यार्थी थे, जो यूनिवर्सिटी की लाइब्रेरी में सबसे पहले पहुंचते थे और लाइब्रेरी बंद होने तक लगातार पढ़ते रहते थे। कभी-कभी वे ज्यादा समय भी वहां रुकते थे। लाइब्रेरी का एक कर्मचारी हर रोज अंबेडकर को देखता था। एक दिन उसने अंबेडकर से कहा, 'मैं आपको रोज देखता हूं। आपकी उम्र के यहां कई लोग हैं, वे पढ़ाई के अलावा अन्य काम भी करते हैं। वे मौज-मस्ती भी करते हैं, लेकिन आप हमेशा पढ़ाई ही करते हैं, ऐसा क्यों?' अंबेडकर बोले, 'मुझे बहुत पढ़ना है, क्योंकि मेरे पास वर्तमान शिक्षा के लिए भविष्य का एक बड़ा लक्ष्य है। मैं केवल अपने लिए पढ़ाई नहीं कर रहा हूं। भारत में मुझसे जुड़े कई लोग हैं, मुझे उनके लिए इसी शिक्षा से बहुत कुछ करना है।' अंबेडकर की बातें सुनकर कर्मचारी हैरान रह गया। उसने सोचा कि शिक्षा का दूरगामी लक्ष्य लेकर भी कोई विद्यार्थी इस तरह पढ़ाई कर सकता है। कर्मचारी ने ये देखा कि अंबेडकर अंग्रेजी के अलावा अन्य भाषाओं की किताबें भी बहुत ध्यान से पढ़ते थे। ये देखक...

दादी रेसिपी बताती हैं और पोता उसे यूट्यूब पर अपलोड करता है, 6.5 लाख सब्सक्राइबर, हर महीने दो लाख कमाई

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महाराष्ट्र में अहमदनगर की रहने वाली सुमन धामने को कुछ महीने पहले तक कोई नहीं जानता था लेकिन, अब वो इंटरनेट सेंसेशन हैं। 70 साल की सुमन कभी स्कूल नहीं गईं, लेकिन इन दिनों उनके यूट्यूब चैनल ‘आपली आजी’ पर 6.5 लाख सब्सक्राइबर हैं। इस पर सुमन पारंपरिक स्वाद में घर के बने मसालों के साथ महाराष्ट्रीयन डिशेज बनाती हैं। अहमदनगर से करीब 10 किलोमीटर दूर सरोला कसार गांव में रहने वाली सुमन धामने हिंदी नहीं बोल पाती हैं, वो सिर्फ मराठी ही बोलती हैं। वो अपने चैनल पर अब तक करीब 150 रेसिपी के वीडियो शेयर कर चुकी हैं। सुमन कहती हैं कि इससे पहले वो यूट्यूब के बारे में कुछ भी नहीं जानती थीं। उन्होंने कभी ये सपने में भी नहीं सोचा था कि कभी ऐसी वीडियो के जरिए सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों से खाने के बारे में बात करेंगी। सुमन का यह यूट्यूब चैनल शुरू करने में उनके पोते यश पाठक ने उनकी मदद की। अहमदनगर से करीब 10 किलोमीटर दूर सरोला कसार गांव में रहने वाली सुमन धामने पारंपरिक स्वाद में घर के बने मसालों के साथ महाराष्ट्रीयन डिशेज बनाती हैं। 11वीं क्लास में पढ़ने वाले 17 साल के यश बताते हैं कि इसी साल जनवरी...

'15,000 की दवा 28,000 में खरीदने की मजबूरी, नहीं खरीद सकते तो मत लगवाओ'

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श्वेता यादव अपने परिवार के आठ सदस्यों के साथ 6 नवंबर को चिरायु हॉस्पिटल में एडमिट हुईं। पूरा परिवार कोरोना पॉजिटिव था। दो दिन बाद परिवार के दो सदस्यों श्वेता और उनके ससुर कमल बाजपेयी को रेमडेसिविर इंजेक्शन का डोज देने की एडवाइज डॉक्टर्स ने दी। उन्हें कहा गया कि आपका इंफेक्शन बढ़ सकता है, इसलिए रेमडेसिविर दे रहे हैं, ताकि बीमारी लंग्स तक न आए। श्वेता का पूरा परिवार मप्र सरकार की स्कीम के तहत हॉस्पिटल में एडमिट हुआ था। यानी इलाज का पूरा खर्चा सरकार उठा रही थी लेकिन रेमडेसिविर इंजेक्शन का खर्चा मरीज को खुद ही उठाना था। मप्र में सरकार रेमडेसिविर इंजेक्शन का खर्चा नहीं उठा रही। डॉक्टर्स के कहने के बाद श्वेता के परिजन ने हॉस्पिटल की मेडिकल स्टोर पर रेमडेसिविर इंजेक्शन का रेट पूछा, तो उन्होंने बताया कि हमारे पास 4800 रुपए वाला इंजेक्शन (100 एमएल) है। छ इंजेक्शन 28,800 रुपए के आएंगे। क्या किसी दूसरे ब्रांड का सस्ता इंजेक्शन भी आता है? ये पूछने पर मेडिकल संचालक ने कहा कि 'हां आता है, लेकिन वो आपको बाजार से लेना होगा। हमारे यहां तो 4800 वाला ही है।' इसके बाद श्वेता के परिजन ने बाजार म...

मोदी ने एक देश और एक चुनाव को बताया जरूरत; लेकिन क्या ये मुमकिन है? क्या हैं इसके पक्ष और विपक्ष में तर्क?

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मई 2014 में जब केंद्र में मोदी सरकार आई, तो कुछ समय बाद ही एक देश और एक चुनाव को लेकर बहस शुरू हो गई। मोदी कई बार वन नेशन-वन इलेक्शन की वकालत कर चुके हैं। एक बार फिर उन्होंने इसे दोहराया है। संविधान दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'आज एक देश-एक चुनाव सिर्फ बहस का मुद्दा नहीं रहा। ये भारत की जरूरत है। इसलिए इस मसले पर गहन विचार-विमर्श और अध्ययन किया जाना चाहिए।' लेकिन क्या वाकई देश में वन नेशन-वन इलेक्शन मुमकिन है। इसके पक्ष और विपक्ष में क्या तर्क हैं? आइए जानते हैं... सबसे पहले, क्या है वन नेशन-वन इलेक्शन? वन नेशन-वन इलेक्शन या एक देश-एक चुनाव का मतलब हुआ कि पूरे देश में एक साथ ही लोकसभा और विधानसभा के चुनाव हों। आजादी के बाद 1952, 1957, 1962 और 1967 में लोकसभा और विधानसभा के चुनाव एक साथ ही होते थे, लेकिन 1968 और 1969 में कई विधानसभाएं समय से पहले ही भंग कर दी गईं। उसके बाद 1970 में लोकसभा भी भंग कर दी गई। इस वजह से एक देश-एक चुनाव की परंपरा टूट गई। क्या वाकई इसकी जरूरत है? दिसंबर 2015 में लॉ कमीशन ने वन नेशन-वन इलेक्शन पर एक रिपोर्ट पेश की थी। इसमें बताया था ...

अगर एक जैसे सूप और स्वाद से बोर हो गए हैं तो एक नए स्वाद के लिए बनाएं संडे स्पेशल अनियन सूप

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आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें If you are bored by drinking similar soup, then make Sunday special onion soup for a new taste from Dainik Bhaskar https://ift.tt/37gxWRI via IFTTT

जब राजीव की 'बोफोर्स' के सामने खड़ी हो गई थी विपक्ष की 'तोप'; लोकसभा में 404 से 193 सीट पर सिमट गई थी कांग्रेस

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बात 31 साल पहले की है। कुछ महीनों बाद ही लोकसभा चुनाव होने थे। लेकिन उसके पहले ही 24 जून 1989 को लोकसभा में बोफोर्स तोप घोटाले पर विपक्ष की तोप खड़ी हो गई थी। उस समय 514 सीटों वाली लोकसभा में विपक्ष के सिर्फ 110 सांसद ही थे। कांग्रेस के पास 404 सांसद थे। इस दिन ने कांग्रेस की राजनीति में भूचाल ला दिया। मामला 1,437 करोड़ रुपए के बोफोर्स घोटाले का था, जिसमें स्वीडिश कंपनी AB बोफोर्स से 155 मिमी की 400 हॉविट्जर तोपों का सौदा हुआ था। 1986 में हुई बोफोर्स डील में भ्रष्टाचार और दलाली का खुलासा 1987 में स्वीडिश रेडियो ने किया था। आरोप था कि कंपनी ने सौदे के लिए भारतीय नेताओं और रक्षा मंत्रालय को 60 करोड़ रुपए की घूस दी। नवंबर में ही चुनाव हुए। उस समय 5 पार्टियों ने मिलकर नेशनल फ्रंट बनाया, जिसके नेता थे वीपी सिंह। नतीजे आए और कांग्रेस सिर्फ 193 सीट ही जीत सकी। नेशनल फ्रंट को भी बहुमत नहीं मिला। बाद में भाजपा और लेफ्ट पार्टियों ने भी वीपी सिंह को समर्थन दिया और प्रधानमंत्री बनाया। 29 नवंबर 1989 को राजीव गांधी ने पद से इस्तीफा दे दिया। वीपी सिंह 2 दिसंबर 1989 से 10 नवंबर 1990 तक प्रधानमंत...

कंगना का आरोप- शाहीन बाग वाली दादी अब किसान बनकर प्रदर्शन में पहुंचीं, बिलकिस बानो ने भास्कर को बताया सच

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क्या हो रहा है वायरल: सोशल मीडिया पर किसानों के प्रदर्शन में शामिल हुई एक वृद्ध महिला की फोटो वायरल हो रही है। एक तरफ जहां महिला के हौसले की तारीफ की जा रही है। वहीं कई यूजर इन्हें फर्जी किसान बता रहे हैं। वायरल फोटो दावा किया जा रहा है कि किसानों के प्रदर्शन में शामिल हुई ये महिला वही मशहूर बिलकिस दादी हैं, जो शाहीन बाग के प्रदर्शन में थीं। अभिनेत्री कंगना रनोट ने 27 नवंबर रात 10 बजे फोटो को इसी दावे के साथ सोशल मीडिया पर शेयर किया। हालांकि, बाद में कंगना ने पोस्ट डिलीट कर लिया। कई सोशल मीडिया यूजर कंगना के इस दावे को सच मानकर शेयर कर रहे हैं। और सच क्या है वायरल फोटो में वृद्ध महिला एक झंडा हाथ में रखे दिख रही हैं। झंडे पर बहुमुखी में लिखे टेक्स्ट को गूगल ट्रांसलेट करने पर पता चला कि ये- भारतीय किसान यूनियन का झंडा है। अलग-अलग कीवर्ड सर्च करने से भी इंटरनेट पर हमें ऐसी कोई मीडिया रिपोर्ट नहीं मिली। जिससे पता चल सके कि वायरल फोटो में दिख रही महिला कौन हैं। दैनिक भास्कर ने शाहीन बाग आंदोलन से चर्चा में आईं बिलकिस दादी से संपर्क किया। बिलकिस बानो ने भास्कर से बातचीत में क...

3 देशों और 13 हजार KM की यात्रा के बाद न्यूजीलैंड पहुंची पाकिस्तान टीम, फिर भी हेल्थ प्रोटोकॉल फॉलो नहीं किया

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न्यूजीलैंड दौरे पर पहुंची पाकिस्तान टीम के 7 खिलाड़ी कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। 3 देश और 13,120 किलोमीटर की यात्रा करके ऑकलैंड पहुंची टीम पर हेल्थ प्रोटोकॉल फॉलो नहीं करने के भी आरोप लगे हैं। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के मुताबिक, रवाना होने से पहले सभी खिलाड़ियों के कोरोना टेस्ट निगेटिव आए थे। हालांकि, न्यूजीलैंड में उतरते ही 6 खिलाड़ी पॉजिटिव आए। इतना ही नहीं न्यूजीलैंड हेल्थ डिपार्टमेंट ने पाकिस्तानी खिलाड़ियों पर क्वारैंटाइन के दौरान आइसोलेट रहने की जगह एक-दूसरे से मिलने और साथ खाने-पीने का भी आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि 4 खिलाड़ियों में फ्रेश संक्रमण पाया गया। जबकि 2 की कोविड हिस्ट्री होने की आशंका जताई जा रही है। ऐसे में पाकिस्तान का न्यूजीलैंड दौरा खतरे में पड़ता दिखाई दे रहा है। न्यूजीलैंड दौरे के लिए रवाना होने से पहले फखर जमां में कोरोना के लक्षण दिखने की वजह से उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया था। हालांकि बाद में उनकी रिपोर्ट निगेटिव आई थी। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि न्यूजीलैंड में पाकिस्तान खिलाड़ी कोरोना संक्रमित कैसे हुए? शोएब ने पूछा- चार्टर्ड प्लेन से क्यों नहीं भेजा पूर...

पुरुषों की जरूरतें बगैर डर पूरी हो सकें, इसके लिए कंडोम बांटा जा सकता है, तो औरतों के लिए सैनेटरी पैड क्यों नहीं

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स्कॉटलैंड से खबर आई है। वहां औरतें को पीरियड से जुड़े उत्पाद नहीं खरीदने होंगे। स्कॉटिश संसद ने माना कि कोरोना-काल में पीरियड पॉवर्टी बढ़ी है। यानी पगार कम होने का असर सिर्फ रोटी पर नहीं पड़ा, बल्कि पहली मार औरतों की गैर-जरूरतों पर पड़ी। यानी सैनेटरी पैड। आखिर लिपस्टिक की तरह ये भी गैरजरूरी खर्च है। लिहाजा कटौती हुई और औरतों को घर के पुराने कपड़ों का रास्ता दिखा दिया गया। शादी के बाद दुल्हन के अरमानों की तरह मुसी हुई चादर की कतरनें काटकर बंटवारा हुआ। ये वाला मां लेगी। ये वाला हिस्सा बेटी का। धोने के बाद घर के किसी गीले-सीले कोने में सुखाने का इंतजाम हुआ। और सूखने के बाद अगले पीरियड तक रखने के लिए कोने खोजे गए। पुराने समय में मुसीबत के वक्त राजाओं के छिपने के बंदोबस्त भी क्या ही इतने पुख्ता होते होंगे, जितनी गुप्त जगहें इन कपड़ों के लिए एक कमरे वाले घरों ने खोज निकालीं। कई जगहों के हाल इससे भी खराब हैं। वहां तन ढंकने के कपड़े पूरे नहीं पड़ते तो खून सोखने के कहां से आएं! वहां के समाज ने इसका भी तोड़ खोज निकाला। औरतों को रेत दे दी या वो भी नहीं मिला तो नारियल की जूट। जिन दिनों में महीन...

पढ़िए, टाइम मैग्जीन की इस हफ्ते की चुनिंदा स्टोरीज सिर्फ एक क्लिक पर

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1. कोरोना वायरस महामारी के नए उफान ने डॉक्टरों, नर्सों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों को बुरी तरह प्रभावित किया है। अमेरिका के 12% स्वास्थ्यकर्मी संक्रमित हुए हैं, वहीं ब्रिटेन में 40% से अधिक डॉक्टर मानसिक स्वास्थ्य की समस्याओं से जूझ रहे हैं। समस्याओं के मुख्य केंद्र जानने के लिए पढ़ें ये लेख... अमेरिका में 800 स्वास्थ्यकर्मियों की मौत, ब्रिटेन में 40% डॉक्टर मानसिक बीमारियों से पीड़ित 2. टाइम मैग्जीन ने 2020 की सर्वश्रेष्ठ किताबों की सूची जारी की है। इसमें भारतीय मूल की दो लेखिकाओं- मेघा मजूमदार और दीपा अनप्परा के उपन्यासों को शामिल किया है। इनमें से सात किताबों का ब्योरा पेश है इस लेख में... 2020 की 100 सर्वश्रेष्ठ किताबों की सूची, भारतीय मूल के दो लेखकों की किताबें शामिल 3. गेम कंसोल प्ले-स्टेशन का नया स्पाइडरमैन गेम अमेरिका में रंगभेद की झलक को दर्शाता है। प्ले-स्टेशन वीडियो गेम का स्पाइडरमैन अश्वेत है। रोमांच से भरपूर इस गेम का क्या है मुख्य आकर्षण जानें इस लेख में... प्लेस्टेशन वीडियो गेम का स्पाइडरमैन अश्वेत है 4. अमेरिका में कोरोना वायरस के दोबारा तेजी से फैलने के बीच पर्यटन ...

MP के स्वास्थ्य मंत्री डाॅ. प्रभुराम ने स्वीकारा- नवंबर के तीसरे सप्ताह में ही आ गई कोरोना की दूसरी लहर

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मध्य प्रदेश में कोरोना की दूसरी लहर आ चुकी है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी ने भी इसे स्वीकार कर लिया है। उन्होंने कहा- नवंबर के तीसरे सप्ताह में कोरोना संक्रमण के केस अचानक बढ़ गए। पहले और दूसरे सप्ताह में इसके संकेत मिलना शुरू हो गए थे, लेकिन इसके बाद प्रदेश में पॉजिटिव मरीजों की संख्या एक दिन में 1500 से ज्यादा होने लगे तब यह स्पष्ट हो गया कि संक्रमण एक बार फिर पैर पसार रहा है। उन्होंने कहा कि नवंबर के पहले और दूसरे सप्ताह में यह आंकड़ा 1 हजार से नीचे था। ऐसे में अब ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है। यही वजह है कि भोपाल, इंदौर सहित जिन जिलों में कोरोना केस बढ़े हैं, वहां नाइट कर्फ्यू लगाने का निर्णय लिया गया। प्रदेश के 60% पॉजिटिव मरीज होम आइसोलेशन में हैं। लेकिन स्थिति बिगड़ती है तो उन्हें अस्पताल में इलाज उपलब्ध कराने की पूरी व्यवस्था है। सवाल: लगातार नए केस बढ़े हैं। वेंटिलेटरों की डिमांड है, कितनी तैयारी है, बेड कम तो नहीं पड़ेंगे? चौधरी: वेंटिलेटर की व्यवस्था जिला मुख्यालय, खासकर कोविड सेंटर में पर्याप्त है। सरकार की तरफ से कोई कोताही नहीं बरती जा रही है। लगातार मॉनिटरिंग हो...

जब राजीव की 'बोफोर्स' के सामने खड़ी हो गई थी विपक्ष की 'तोप'; लोकसभा में 404 से 193 सीट पर सिमट गई थी कांग्रेस

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बात 31 साल पहले की है। कुछ महीनों बाद ही लोकसभा चुनाव होने थे। लेकिन उसके पहले ही 24 जून 1989 को लोकसभा में बोफोर्स तोप घोटाले पर विपक्ष की तोप खड़ी हो गई थी। उस समय 514 सीटों वाली लोकसभा में विपक्ष के सिर्फ 110 सांसद ही थे। कांग्रेस के पास 404 सांसद थे। इस दिन ने कांग्रेस की राजनीति में भूचाल ला दिया। मामला 1,437 करोड़ रुपए के बोफोर्स घोटाले का था, जिसमें स्वीडिश कंपनी AB बोफोर्स से 155 मिमी की 400 हॉविट्जर तोपों का सौदा हुआ था। 1986 में हुई बोफोर्स डील में भ्रष्टाचार और दलाली का खुलासा 1987 में स्वीडिश रेडियो ने किया था। आरोप था कि कंपनी ने सौदे के लिए भारतीय नेताओं और रक्षा मंत्रालय को 60 करोड़ रुपए की घूस दी। नवंबर में ही चुनाव हुए। उस समय 5 पार्टियों ने मिलकर नेशनल फ्रंट बनाया, जिसके नेता थे वीपी सिंह। नतीजे आए और कांग्रेस सिर्फ 193 सीट ही जीत सकी। नेशनल फ्रंट को भी बहुमत नहीं मिला। बाद में भाजपा और लेफ्ट पार्टियों ने भी वीपी सिंह को समर्थन दिया और प्रधानमंत्री बनाया। 29 नवंबर 1989 को राजीव गांधी ने पद से इस्तीफा दे दिया। वीपी सिंह 2 दिसंबर 1989 से 10 नवंबर 1990 तक प्रधानमंत...

कोरोना हो या किसान, हर मर्ज की दवा पाकिस्तान

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