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Showing posts from September 13, 2020

पत्नी के गर्भ में लड़का है या लड़की, पता लगाने को 5 बेटियों के पिता ने काट डाला पेट

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के बदायूं (Budaun) में पांच बेटियों के एक पिता ने शनिवार शाम को... from NDTV Khabar - Latest https://ift.tt/35SknbS via IFTTT

आज राज्यसभा में पेश होंगे किसानों से जुड़े तीन बिल, सरकार ने बनाई ये खास रणनीति

किसानों के लिए लाए जा रहे तीन कृषि विधेयकों को लेकर आज सड़क से संसद तक विरोध प्रदर्शनों के आसार हैं. इन विधेयकों को लेकर विपक्ष के तेवर तो गरम हैं ही, NDA की सहयोगी अकाली दल के सुर भी बागी हो गए हैं, लेकिन तमाम विरोधों के बीच सरकार इन विधेयकों को आज राज्य सभा में पेश करेगी. from Zee News Hindi: India News https://ift.tt/3iNsLNH via IFTTT

सुशांत सिंह राजपूत को दोस्त ने Roar सॉन्ग के जरिए दी आखिरी विदाई, बोले- अब आराम करो भाई, हम दहाड़ेंगे...

सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput) मामले में ड्रग्स के एंगल ने सबको सकते में डाल... from NDTV Khabar - Latest https://ift.tt/2Eh5moK via IFTTT

कृषि विधेयकों के खिलाफ हरसिमरत का इस्तीफा साहसिक और ऐतिहासिक : प्रकाश सिंह बादल

शिरोमणि अकाली दल (SAD) के संरक्षक प्रकाश सिंह बादल (Parkash Singh Badal) ने केंद्रीय... from NDTV Khabar - Latest https://ift.tt/3kAMwIy via IFTTT

टिकटॉक ने अपने अमेरिकी कारोबार को लेकर ओरेकल और वॉलमार्ट के साथ प्रस्तावित समझौते की पुष्टि की

जाने-माने वीडियो ऐप टिकटॉक (TikTok) ने शनिवार को घोषणा की कि उसने ओरेकल (Oracle) के साथ... from NDTV Khabar - Latest https://ift.tt/2H8CU9A via IFTTT

Updates: India's Covid Tally Crosses 53-Lakh Mark, Total 85,619 Deaths

India's COVID-19 case tally crossed the 53-lakh mark with a spike of 93,337 new cases in last 24 hours, data released by the Health Ministry on Saturday showed. The total number of confirmed cases now... from NDTV News - India-news https://ift.tt/2ZUbYkt via IFTTT

कंगना पर टिका है इंडस्ट्री का 250 करोड़ का दांव; सुशांत केस में कैसे हुई लापरवाही; IPL में आज पंजाब से भिड़ेगी दिल्ली

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कारोबार जगत से खबर है कि ई-कॉमर्स कंपनियां दिवाली पर 50 हजार करोड़ का बिजनेस कर सकती हैं, जो 4 साल पहले तक 1 हजार करोड़ रुपए से भी कम था। वहीं, संसद का मानसून सत्र जल्द खत्म होने की संभावना है। बहरहाल, शुरू करते हैं मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ... आज इन 3 इवेंट्स पर रहेगी नजर 1. IPL में आज दिल्ली कैपिटल्स और किंग्स इलेवन पंजाब के बीच मुकाबला होगा। शाम 7 बजे टॉस होगा और 7:30 बजे से मैच शुरू होगा। 2. हरियाणा में कृषि विधेयक के विरोध में किसान संगठनों ने आज रोड जाम करने का ऐलान किया है। 3. हिमाचल प्रदेश में आज से 12 रूट पर नाइट बस सर्विस शुरू हो जाएगी। अब कल की 7 महत्वपूर्ण खबरें 1. कंगना पर इंडस्ट्री के 250 करोड़ से ज्यादा दांव पर कंगना रनोट की 4 फिल्में 'तेजस', 'धाकड़', थलाइवी' और 'इमली' कतार में हैं। ट्रेड एनालिस्ट अतुल मोहन की मानें तो कंगना की हर फिल्म का एवरेज बजट 60-70 करोड़ रुपए पहुंच जाता है। इस हिसाब से कंगना पर बॉलीवुड के 250-300 करोड़ रुपए दांव पर लगे हैं। - पढ़ें पूरी खबर 2. सुशांत मामले में एम्स की टीम अगले हफ्ते रिपोर्ट सौंपेगी सुशांत सिंह राजपूत ...

47 साल पहले बिली जीन किंग ने जीता था 'बैटल ऑफ द सेक्सेस', पुरुष टेनिस खिलाड़ी बॉबी रिग्स को सीधे सेट्स में हराया था

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आज का दिन महिलाओं के लिए बहुत खास है। इससे जुड़ी घटना भले ही टेनिस की है, लेकिन इसने महिला अधिकारों, खास तौर पर खेलों में बराबरी की नींव रखी थी। 'बैटल ऑफ सेक्सेस' कहकर प्रचारित 1973 में खेले गए इस टेनिस मुकाबले में एक लाख डॉलर की पुरस्कार राशि थी। उस समय 29 साल की बिली जीन किंग ने 55 साल की पूर्व नंबर एक टेनिस खिलाड़ी बॉबी रिग्स की चुनौती स्वीकार की थी। दरअसल, रिग्स का दावा था कि महिलाओं के टेनिस में कोई दम नहीं है। वह इस उम्र में भी किसी भी महिला टेनिस खिलाड़ी को हरा सकते हैं। हालांकि, उनका दावा खोखला साबित हुआ। बिली किंग ने ह्यूस्टन एस्ट्रोडोम में खेले गए मैच में सीधे सेट्स में 6-4, 6-3, 6-3 से हराया था। यह टेनिस मुकाबला काफी लोकप्रिय हुआ। 30 हजार दर्शकों ने ह्यूस्टन एस्ट्रोडोम में मैच को देखा जबकि करीब 5 करोड़ लोगों ने टीवी पर। किंग ने टेनिस कोर्ट पर क्लियोपाट्रा की स्टाइल में पुरुष गुलामों के साथ प्रवेश किया था। वहीं, रिग्स महिला मॉडल्स के साथ कोर्ट पहुंचे थे। किंग की जीत ने महिलाओं के प्रोफेशनल टेनिस को स्थापित करने में मदद की। साथ ही महिला एथलीट्स की क्षमता को भी साबित ...

किंग्स इलेवन पंजाब ने 6 साल पहले यूएई में आईपीएल के सभी 5 मैच जीते थे, लेकिन इस बार स्पिनर्स के दम पर दिल्ली कैपिटल्स भारी पड़ सकती है

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आईपीएल के 13वें सीजन का दूसरा मैच किंग्स इलेवन पंजाब और दिल्ली कैपिटल्स के बीच आज दुबई में खेला जाएगा। यूएई में पंजाब टीम अब तक एक भी मैच नहीं हारी है। टीम ने यहां 2014 में सभी 5 मैच में जीत दर्ज की थी। साथ ही पंजाब पंजाब ने पिछले तीन सीजन में अपना पहला मैच जीता है। ऐसे में टीम अपने इस रिकॉर्ड को बरकरार रखना चाहेगी। हालांकि, इस बार बेहतरीन स्पिनर्स से सजी दिल्ली कैपिटल्स भारी पड़ सकती है। टीम में दिग्गज रविचंद्रन अश्विन, अमित मिश्रा और अक्षर पटेल जैसे अनुभवी स्पिनर्स हैं। इनको स्लो पिच पर काफी मदद मिलेगी और इनकी दम पर दिल्ली इस बार अपना पहला खिताब जीतने की भी पूरी कोशिश करेगी। अश्विन पिछली बार पंजाब टीम के कप्तान थे। यूएई में दिल्ली का खराब रिकॉर्ड लोकसभा चुनाव के कारण आईपीएल 2009 में साउथ अफ्रीका और 2014 सीजन के शुरुआती 20 मैच यूएई में हुए थे। तब यूएई में दिल्ली का रिकॉर्ड बेहद खराब रहा था। टीम ने तब यहां 5 में से 2 मैच जीते और 3 हारे थे। इन रिकॉर्ड्स पर रहेगी नजर लोकेश राहुल मैच में 23 रन बनाते ही आईपीएल में अपने 2 हजार रन पूरे कर लेंगे। वे ऐसा करने वाले 20वें भारतीय होंगे। क...

एमएसपी क्या है, जिसके लिए किसान सड़कों पर हैं और सरकार के नए कानूनों का विरोध कर रहे हैं? क्या महत्व है किसानों के लिए एमएसपी का?

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केंद्र सरकार खेती-किसानी के क्षेत्र में सुधार के लिए तीन विधेयक लाई है। इन विधेयकों को लोकसभा पारित कर चुकी है। इन विधेयकों से पंजाब और हरियाणा समेत कुछ राज्यों में किसान नाराज हैं। उन्हें अपनी उपज पर मिलने वाले न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की चिंता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर यह साफ कर चुके हैं कि एमएसपी खत्म नहीं होने वाला। वह विपक्षी पार्टियों पर किसानों को गुमराह करने का आरोप लगा रहे हैं। एनडीए की घटक पार्टी शिरोमणि अकाली दल भी इस मुद्दे पर सरकार से नाराज है। हरसिमरत कौर बादल ने तो केंद्रीय कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया है। किसानों और विपक्षी पार्टियों को एमएसपी खत्म होने का डर है। अब ये दुष्प्रचार किया जा रहा है कि सरकार के द्वारा किसानों को MSP का लाभ नहीं दिया जाएगा। ये भी मनगढ़ंत बातें कही जा रही हैं कि किसानों से धान-गेहूं इत्यादि की खरीद सरकार द्वारा नहीं की जाएगी। ये सरासर झूठ है, गलत है, किसानों को धोखा है: PM — PMO India (@PMOIndia) September 18, 2020 क्या है एमएसपी या मिनिमम सपोर्ट प्राइज? एमएसपी वह न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी ...

कोरोना के बीच मध्यप्रदेश, हरियाणा और राजस्थान में 6 महीने बाद स्कूल खुलेंगे, लेकिन 90% पैरेंट्स अब भी बच्चों को नहीं भेजना चाहते

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अनलॉक-4 में केंद्र सरकार ने करीब 6 महीने बाद 9वीं से 12वीं तक के बच्चों के स्कूल खोलने की इजाजत दी है। सरकार ने कहा कि बच्चे गाइडेंस के लिए 21 सितंबर से स्कूल जा सकते हैं। इसके बाद राज्य सरकारों को स्कूल खोलने पर फैसला लेना था। लेकिन, अभी तक मध्यप्रदेश, राजस्थान और हरियाणा ही स्कूल खोलने को राजी हुए हैं। लेकिन, सर्वे में पता चला है कि 70% से 90% पैरेंट्स अब भी बच्चों को स्कूल नहीं भेजना चाहते। दैनिक भास्कर ने स्कूलों और पैरेंट्स के मन की बात जानने के लिए 9 राज्यों से ग्राउंड रिपोर्ट तैयार की है- 1. मध्यप्रदेश : सरकारी और प्राइवेट स्कूल 21 सितंबर से आंशिक रूप से खुलेंगे। कक्षाएं नहीं लगाई जाएंगी। 9वीं से 12वीं तक के छात्र पैरेंट्स की परमिशन से थोड़े समय के लिए स्कूल जा सकेंगे। भोपाल में सागर पब्लिक स्कूल की चेयरमैन जयश्री कंवर ने कहा, "हम स्कूल खोलने के लिए तैयार हैं, लेकिन यह तय नहीं है कि 21 सितंबर से ही खोलेंगे। पहले पैरेंट्स की काउंसलिंग और ओरिएंटेशन करेंगे। इसके बाद उनकी सहमति लेंगे। यह पूरी तरह से पैरेंट्स पर निर्भर करेगा कि वे बच्चों को स्कूल भेजें या नहीं।" भोप...

एक भी मरीज की मौत नहीं, मेडिकल स्टाफ में जीरो इंफेक्शन, आईटीबीपी ने ये कैसे मुमकिन किया

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बड़ा सा एयरकंडीशंड टीन शेड, लाइन में लगे हजारों बिस्तर, उन पर आराम कर रहे कोरोना संक्रमित। जहां तक नजर जाती है बस मरीज ही नजर आते हैं। मेडिकल स्टाफ और मरीजों के बीच में एक ट्रांसपेरेंट प्लास्टिक शीट लगी है जिसके पास लाइन में वे लोग खड़े हैं, जिनकी रिपोर्ट नेगेटिव आई है और अब उन्हें डिस्चार्ज होना है। वॉर्ड का दौरा कर रहे डिप्टी मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ प्रशांत मिश्रा से डिस्चार्ज हो रहा एक मरीज कहता है, ‘क्या मैं कैब बुलाकर घर चला जाऊं।' डॉ. मिश्रा उसे समझाते हैं, ‘यहां सबकुछ एक व्यवस्था के तहत हो रहा है। आपको सुरक्षित घर पहुंचाना हमारी जिम्मेदारी है। एंबुलेंस की व्यवस्था की जा रही है। वो ही आपको घर छोड़ेगी।' दिल्ली के बाहरी छोर छतरपुर में राधा स्वामी सत्संग ब्यास के कैंपस में दुनिया का सबसे बड़ा कोविड केयर केंद्र शुरू किया गया है, जिसकी कमान भारत के अर्धसैनिक बल आईटीबीपी के हाथ में है। यहां जरूरत पड़ने पर दस हजार बिस्तर लगाए जा सकते हैं। अभी दो हजार बिस्तरों पर संक्रमितों को भर्ती किया जा रहा है। महिलाओं के लिए अलग से वॉर्ड बनाया गया है। यहां पांच दिनों से भर्ती पूजा कहती हैं,...

6 महीने पहले बिहार की राजनीति को बदलने का दावा करने वाले प्रशांत किशोर अब गायब क्यों हैं?

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इसी साल फरवरी में जदयू के पूर्व नेता और चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने पटना में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। जदयू से निकलने के बाद वे पहली बार मीडिया से बात कर रहे थे। प्रशांत जिस जगह पर बैठे थे उसके पीछे महात्मा गांधी की एक फोटो लगी थी और उनका एक कथन “The best politics is right action” लिखा था। आज छह महीने बाद लगता है कि प्रशांत किशोर अपने पीछे लिखे इसी वाक्य को समझ नहीं पाए। अगर समझ भी रहे थे, तो व्यवहार में नहीं ला पाए। उनकी राजनीति से “एक्शन” गायब हो गया है। उसी प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रशांत किशोर ने 'बात बिहार की' नाम से एक मुहिम की शुरुआत की थी। तब उन्होंने कहा था, 'मैं अगले सौ दिन तक केवल बिहार की हर पंचायत, प्रखंड और गांव में जाऊंगा। बिहार की 8800 पंचायतों में से एक हजार ऐसे लोगों को चुनूंगा, उनसे जुड़ूंगा जो यह समझते हैं कि अगले दस सालों में बिहार को देश के अग्रणी राज्यों में खड़ा होना चाहिए।' लेकिन सौ दिन तो दूर प्रशांत किशोर अगले तीस दिन भी बिहार में नहीं रुके। पटना के एग्जीबिशन रोड में दफ्तर खुला था। सौ से डेढ़ सौ लोग काम कर रहे थे। बिहार में उनकी मुहिम ...

आठ नौकरियां बदलीं, फिर पहाड़ों से पलायन रोकने के लिए मशरूम उगाना शुरू किया; 3 लाख रुपए इन्वेस्ट किए, अब हर साल 2 करोड़ का कारोबार करती हैं

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उत्तराखंड की एक लड़की पढ़ाई करने दिल्ली गई, वहां एमिटी यूनिवर्सिटी से मास्टर ऑफ सोशल वर्क की पढ़ाई की। फिर प्राइवेट कंपनी में 25 हजार रुपए महीने की नौकरी भी की। एक के बाद एक करीब 8 नौकरियां बदलीं, क्योंकि इनसे संतुष्ट नहीं थी। कुछ अलग करने की चाह उसे वापस अपने राज्य ले आई। 2013 में जब वो वापस उत्तराखंड लौटी तो देखा कि नौकरी की तलाश में प्रदेश के छोटे-छोटे गांवों से लोग दूसरे प्रदेशों में पलायन करने को मजबूर हैं। तभी इस लड़की ने कुछ अलग करने का फैसला लिया। हम बात कर रहे हैं देहरादून में रहने वाली 30 साल की दिव्या रावत की। आज दिव्या मशरूम कल्टीवेशन के क्षेत्र में एक जाना-माना नाम हैं। ‘मशरूम गर्ल’ से नाम से पहचान बनाने वाली दिव्या को उत्तराखंड सरकार ने मशरूम का ब्रांड एम्बेसडर भी बनाया है। मशरूम के जरिए दिव्या आज करीब 2 करोड़ रुपए से अधिक का सालाना कारोबार कर रही हैं। दिव्या कहती हैं, ‘मशरूम जल, जमीन, जलवायु की नहीं बल्कि तापमान की खेती है। इसकी इतनी वैरायटी होती हैं कि हम हर मौसम में इसकी खेती कर सकते हैं। फ्रेश मशरूम मार्केट में बेच सकते हैं और इसके बाय प्रोडक्ट भी बना सकते हैं।’ दिव...

खाली वक्त में नई स्किल्स सीखने की तैयारी करें, गैर जरूरी खर्चों पर लगाएं लगाम; आर्थिक और मानसिक मोर्चे पर जानिए कैसे करें तैयारी

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कोरोनावायरस के कारण कई लोग घर से काम कर रहे हैं, क्योंकि उन्हें वायरस चेन को तोड़ने के लिए वर्क फ्रॉम होम दिया गया है। यह प्रोफेशनल दुनिया का एक हिस्सा है। दूसरे हिस्से में वे लोग हैं, जिन्हें कंपनी ने नुकसान के कारण नौकरी से निकाल दिया है या अनिश्चितकाल के लिए छुट्टी पर भेज दिया है। दोनों घर में हैं, लेकिन हाल एक दम अलग हैं। नौकरी गंवा देने मनोबल तोड़ देने वाला होता है। कई लोग परिवार और आर्थिक हिस्से की चिंता में मानसिक तौर पर परेशान हो जाते हैं। सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (CMIE) के अनुसार, भारत में दिसंबर 2019 में बेरोजगारी दर 7.60% थी। यह मार्च 2020 में बढ़कर 8.75% पर पहुंच गई। जबकि, अप्रैल 2020 में यह आंकड़ा 23.52% था। हालांकि, अगस्त 2020 में यह कम होकर 8.35% पर आ गई थी। इसके बाद भी ऐसे कई लोग हैं जो काम पर दोबारा वापस नहीं जा पाए। डॉयचे वेले की एक खबर के अनुसार, एक्सपर्ट्स का मानना है भारत को बेरोजगारी संकट से उबरने में लंबा वक्त लगेगा। टिप्स, जो आपको मानसिक तौर पर तैयार करेंगी राजस्थान के उदयपुर स्थित गीतांजलि हॉस्पिटल में एसोसिएट प्रोफेसर और साइकोलॉजिस्ट डॉक्टर शिखा ...

इंफोसिस की को-फाउंडर सुधा मूर्ति अरबों की संपत्ति होने के बाद भी साल में एक बार सब्जी बेचती हैं? जानें वायरल फोटो की सच्चाई

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क्या हो रहा है वायरल: सोशल मीडिया पर एक फोटो वायरल हो रही है, जिसमें एक महिला सब्जी के ढेर के बीच बैठी दिख रही हैं। दावा किया जा रहा है कि ये इंफोसिस की को-फाउंडर सुधा मूर्ति हैं। अरबों की संपत्ति होने के बाद भी वे साल में एक बार सब्जी बेचती हैं। और सच क्या है ? इंफोसिस की को-फाउंडर सुधा मूर्ति की इंटरनेट पर फोटो सर्च करने से यह पुष्टि हुई की वायरल हो रही फोटो उन्हीं की है। पड़ताल के अगले चरण में हमने उस दावे की पड़ताल की जो फोटो के साथ किया जा रहा है। फोटो को गूगल पर रिवर्स सर्च करने से हमें ऐसी कोई रिपोर्ट नहीं मिली। जिससे पुष्टि होती हो कि सुधा मूर्ति साल में एक बार सब्जी बेचती हैं। अलग-अलग कीवर्ड सर्च करने से हमें Banglore Mirror की वेबसाइट पर सुधा मूर्ति का एक इंटरव्यू मिला। इसमें सुधा मूर्ति ने बताया था कि वे साल में 3 बार सुबह चार बजे उठकर एक असिस्टेंट के साथ राघवेंद्र स्वामी मंदिर में सेवा करने जाती हैं। सुधा मंदिर के किचन और बगल में स्थित कमरों को साफ करती हैं। अपने असिस्टेंट की मदद से ही वे सब्जियों और चावल की बड़ी बोरियों को मंदिर के स्टोर रूम में पहुंचाने में मदद करत...

अक्षय कुमार, आर माधवन शूटिंग के लिए विदेश गए, अभिषेक बच्चन और सैफ अली खान घर से ही काम कर रहे

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कोरोना के दौरे में अनलॉक-4 शुरू होते ही बॉलीवुड सेलेब्स अपने प्रोजेक्ट पूरे करने में व्यस्त हो गए। कई एक्टर और एक्ट्रेस देश के अलग-अलग शहरों में शूटिंग कर रहे हैं, तो कुछ शूटिंग के लिए विदेश चले गए हैं। वहीं, कुछ घर से अपना काम संभाल रहे हैं। अक्षय कुमार अपनी फिल्म 'बेल बॉटम' की शूटिंग स्कॉटलैंड में कर रहे हैं। उनके साथ वाणी कपूर, हुमा कुरैशी और लारा दत्ता भी हैं। आर माधवन और एली अबराम दुबई में वेब शो 'सेवंथ सेंस' की शूटिंग कर रहे हैं। उनके साथ वहां करीब 100 लोगों की टीम है। शाहरुख खान राजकुमार हिरानी के निर्देशन में बन रही अपनी अगली फिल्म की शूटिंग के लिए कनाडा जा सकते हैं। आमिर खान कुछ दिनों पहले ही तुर्की से अपनी फिल्म 'लालसिंह चड्ढा' की शूटिंग कर लौटे हैं। 15 दिन से जयपुर में हैं तापसी पन्नू तापसी पन्नू और विजय सेतुपति 15 दिन से जयपुर में एक साउथ इंडियन फिल्म की शूटिंग कर रही हैं। इस यूनिट में उनके अलावा 100 लोगों की एक टीम है। उधर, दीपिका पादुकोण और अनन्या पांडे गोवा में हैं। इस फिल्म का निर्देशन शकुन बत्रा कर रहे हैं। करीना कपूर प्रेगनेंसी के बाव...

केन्या में गुलेल और हेलिकॉप्टर से फेंकी जाती हैं चारकोल में लिपटे बीजों की गेंदें, 4 साल पहले बच्चों ने खेल-खेल में इस तरीके से जंगल तैयार कर दिए थे

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केन्या के वीरान पड़े मैदानों में छोटी-छोटी काले रंग की गेंदें यानी सीडबॉल्स हरियाली वापस लाने का काम कर रही हैं। चारकोल में लिपटे हुए बीजों को गुलेल और हेलिकॉप्टर की मदद से दूर तक फेंका जा रहा है। बारिश होने पर चारकोल मेंं मौजूद बीज से पौधे पनपने की शुरुआत होती है। 2016 में सीडबॉल्स केन्या नाम के ऑर्गेनाइजेशन की शुरुआत टेडी किन्यानजुई और एल्सन कार्सटेड ने की थी। पिछले चार साल में करीब 11 करोड़ सीडबॉल्स बांटी जा चुकी हैं। इनका लक्ष्य स्कूल और लोगों के साथ मिलकर केन्या के मैदानों में जंगलों को वापस तैयार करना है। सीडबॉल को एक सफल प्रयोग माना गया और भारत समेत कई देशों में इससे हरियाली वापस लाने की कोशिश की जा रही है। सीडबॉल्स केन्या के को-फाउंडर टेडी कहते हैं कि अगले 5 सालों में केन्या में हरियाली दिखने लगेगी। मिट्‌टी की बजाय चॉरकोल वाले सीड बॉल ज्यादा सुरक्षित हर सीडबॉल में एक बीज होता है। इस बीज के ऊपर चारकोल को चढ़ाकर गेंद जैसा आकार दिया जाता है। ये आकार में एक सिक्के जितने होते हैं। टेडी कहते हैं कि इसे गर्म मौसम में मैदानों में फेंका जाता है। बीजों पर चारकोल को लगाने के पीछे एक बड़ा ...