100 साल पुराना दुर्लभ त्रिलोक बेर का पेड़ आज भी फल दे रहा है, इसका अनोखा है इतिहास

मध्य प्रदेश के भोपाल में एक ऐसा पेड़ है, जो 100 साल पुराना है. सबसे ख़ास बात ये है कि यह पेड़ बेर का है, जो आज भी फल दे रहा है. लोगों के लिए यह चौंकाने वाली बात लग रही है, मगर ये सच है. समाचार एजेंसी एएनआई की एक रिपोर्ट के अनुसार, मध्य प्रदेश के भोपाल के इंतखेड़ी में स्थित फल अनुसंधान केंद्र में त्रिलोक बेर नाम का एक पेड़ है, जो 100 साल पुराना है. त्रिलोक बेर एक दुर्लभ प्रजाति का पेड़ है, इसे संरक्षित किया जा रहा है. देखा जाए तो त्रिलोक बेर की पूरे देश में भारी मांग है. लोग इस पेड़ और फल की मांग कर रहे हैं.

वर्तमान में भारत में बेर की 125 किस्में हैं. 100 साल पहले जगदीशपुर (इस्लामनगर) के एक मंदिर में त्रिलोक बेर मौजूद था. यह पेड़ प्राकृतिक रूप से फलते-फूलते थे. मंदिर परिसर में पेड़ होने के कारण आस-पास के ग्रामीणों ने इसका नाम भगवान ब्रह्मा, विष्णु, महेश (त्रिदेव) के नाम पर रखा. ग्रामीणों का मानना है कि यह प्रसाद है. इस बेर को प्रसाद समझा जाता है.

वैज्ञानिक एचआई सागर ने त्रिलोक पेड़ के बारे में कहा, 'भोपाल की जलवायु के कारण यह पेड़ यहां पाया जाता है. हालांकि, पेड़ों की लगातार कटाई होने के कारण संख्या कम हो रही है. इस फल की खासियत है कि यह अन्य फलों से अधिक पका हुआ होता है. सामान्य तापमान में भी 12 दिन यह फल रह सकता है. इस फल में सुगंध होता है. लोगों को यह बेर बहुत ही ज़्यादा पसंद है.



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