जानें, क्यों जातिगत जनगणना के मुद्दे पर अन्य विपक्षी दलों के निशाने पर है सपा?
उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी (सपा) जातिवार जनगणना के मामले पर सदन (विधान मंडल) से लेकर सड़क तक आंदोलन कर रही है. वहीं, बहुजन समाज पार्टी (बसपा) समेत अन्य विपक्षी दल तथा सत्ता पक्ष के सहयोगी दल इस मांग से सहमत होते हुए भी सपा को ही कठघरे में खड़ा करते नजर आ रहे हैं. राजनीतिक जानकारों का कहना है कि अगले वर्ष होने वाले लोकसभा चुनाव के मद्देनजर यह सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खिलाफ जातियों के धुव्रीकरण की एक कोशिश है. लखनऊ विश्वविद्यालय में राजनीति विज्ञान विभाग के प्रोफेसर डॉक्टर संजय गुप्ता ने ‘पीटीआई-भाषा' से बातचीत में कहा, ‘‘लोकसभा चुनाव आ रहा है और भाजपा एवं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को चुनौती देने के लिए विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं है, इसलिए इसे तूल देकर जाति के नाम पर भावनाओं को उभारा जा रहा है.'' इस विषय पर विपक्षी दलों के एकजुट न होने के सवाल पर प्रोफेसर गुप्ता ने कहा, ‘‘जब तक विचारधारा के स्तर पर एकजुटता नहीं होगी, तब तक राजनीतिक स्वार्थ टकराते रहेंगे और यह मुद्दा एक असफल प्रयोग साबित होगा, इसका कोई नतीजा नहीं निकलेगा.'' पड़ोसी राज्य बिहा...