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जनवरी से लागू हो सकता है नागरिकता संशोधन कानून : कैलाश विजयवर्गीय

भाजपा (BJP) के वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय (Kailash Vijayvargiya) ने शनिवार को कहा कि... from NDTV Khabar - Latest https://ift.tt/3lKJXnB via IFTTT

फाइजर ने भारत में आपातकालीन उपयोग के लिए कोविड-19 टीके को मंजूरी देने का आवेदन किया

दवा निर्माता कंपनी फाइजर की भारतीय इकाई ने उसके द्वारा विकसित कोविड-19 टीके... from NDTV Khabar - Latest https://ift.tt/2VJJIyI via IFTTT

14 Indian Seamen, Released By Yemen Houthis, Fly Back Home Via Dubai

Fourteen Indian seamen who were stranded in Yemen for over 10 months after their ship sank in the Gulf of Aden flew back to India on Saturday from Dubai. from NDTV News - India-news https://ift.tt/3ghHcJy via IFTTT

यहां 12वीं सदी से रईसों के लिए लकड़ी की लग्जरी नावें बनती हैं, कीमत 12 करोेड़

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तस्वीर केरल के बेपोर बीच में अरब देशों के रईसों के लिए तैयार हो रहे लकड़ी के जहाज की है। 130 फीट लंबे और 33 फीट चौड़े इस पोत की कीमत करीब12 करोड़ रुपए है। इनका इस्तेमाल अरब के रईस स्टेटस सिंबल के तौर पर करते हैं और गल्फ देशों का सफर इसी जहाज से करना पसंद करते हैं। यहां ऐसे दो जहाज 2021 में बनकर तैयार हो जाएंगे। इन्हें कतर के युसूफ अहमद अमानी की तरफ से ऑर्डर मिला है। यहां 12वीं सदी से विशालकाय जहाज बनाकर अरब बेचे जाते रहे हैं शिप के प्रमुख कारीगर पी. श्रीधरन बताते हैं कि मलेशियाई सागौन, बेन सागौन और केविला लकड़ी से यह शिप बनाया जाता है। 10 कर्मचारी अभी इस जहाज को तय समय में बनाने में जुटे हुए हैं। इनकी मदद के लिए 25 से अधिक मजदूर भी जल्द जुड़ेंगे। यहां समुुद्र मार्ग से मेसोपोटामिया तक व्यापार होता रहा है। विशालकाय बोट का व्यापार 12वीं सदी से लगातार हो रहा है। यहां कई ऐसे लोग भी हैं, जो सदियों पहले यमन से केरल शिफ्ट हो गए थे। आज ये लोग लकड़ी के जहाज बनाने के बिजनेस से जुड़े हैं। आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें 130 फीट लंबे और 33 फीट चौड़े इस पोत...

जमाने वाली ठंड के लिए प्रसिद्ध चूरू-माउंट आबू में गर्मी; चूरू 330 पार, 17 साल बाद छूटा पसीना

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दिसंबर माह में आमतौर पर देश सर्दी की गिरफ्त में होता है, लेकिन राजस्थान में मामला इन दिनों उलट है। नलों में पानी जमा देने वाली सर्दी के लिए प्रसिद्ध चूरू और माउंट आबू जैसे शहरों में गर्मी पड़ रही है। शुक्रवार को चूरू में 33.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया, जो पिछले 17 सालों में दिसंबर का सबसे अधिक तापमान रहा। मौसम विभाग के मुताबिक, इससे पहले 8 दिसंबर 2003 को यहां तापमान 33.5 डिग्री था, जबकि पिछले साल 4 दिसंबर को यहां तापमान 27 डिग्री रहा था। शनिवार को यहां तापमान 31 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। इसी तरह जयपुर में शुक्रवार को पारा 30.9 डिग्री रहा। यह 12 साल बाद सर्वाधिक है। इससे पहले 4 दिसंबर 2008 को यहां पारा 32 डिग्री था। बाड़मेर में पिछले 12 साल में सबसे ज्यादा 34.4 डिग्री तापमान दर्ज किया गया है। चूरू और बाड़मेर में करीब पांच साल बाद सर्दी के मौसम में इतनी गर्मी पड़ रही है। माउंट आबू के भी यही हाल हैं। 2 दिसंबर को तापमान जमाव बिंदु तक पहुंच गया। घरों के बाहर कारों पर हल्की बर्फ देखने को मिली थी। अब लोग गर्मी से परेशान हैं। हिमाचल- लाहौल में बर्फबारी से जम गई झील कुल्लू. शुक्रवार ...

मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने बीजेपी के आगे समर्पण कर दिया: सुखबीर बादल

शिरोमणि अकाली दल (SAD) के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल (Sukhbir Singh Badal) ने पंजाब के... from NDTV Khabar - Latest https://ift.tt/3qAl5mm via IFTTT

पश्चिम बंगाल: जेल में बंद सारदा के मालिक ने कई नेताओं पर पैसे लेने का आरोप लगाया

पश्चिम बंगाल में सारदा पोंजी घोटाले के मुख्य आरोपी सुदिप्त सेन ने... from NDTV Khabar - Latest https://ift.tt/39Nd0Vg via IFTTT