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Coronavirus India Updates : दिल्ली में कोरोना वायरस के 7,340 नए मामले, 96 की मौत

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शरद पवार का भावुक पत्र: 'मां, दीवाली के दिन आपकी कमी महसूस करता हूं...'

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सुरीश्वर जी महाराज की जयंती पर 'स्टैचू ऑफ पीस' का अनावरण करेंगे प्रधानमंत्री

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अदरक-मिर्च का पराठा घर में सबको आएगा पसंद, सिर्फ आधे घंटे में बन जाएंगे 10 से 12 पराठे

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चंद्रयान से अलग होकर इस डिवाइस ने चांद की सतह पर पहली बार खोजा पानी

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भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन यानी इसरो (ISRO) ने अपना स्पेस प्रोग्राम शुरू करने के 45 साल बाद मिशन मून फतह किया था। 22 अक्टूबर 2008 को चंद्रयान लॉन्च किया गया था, जो 30 अगस्त 2009 तक चांद के चक्कर लगाता रहा। इसी चंद्रयान में एक डिवाइस लगा था- मून इम्पैक्ट प्रोब यानी MIP, जिसने 14 नवंबर 2008 को चांद की सतह पर उतरकर अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में भारत का दबदबा बढ़ाया। ऐसा करने वाला भारत चौथा देश बन गया। इससे पहले सिर्फ अमेरिका, रूस और जापान ही ऐसा करने में कामयाब हो सके थे। इसी डिवाइस ने चांद की सतह पर पानी की खोज की। यह इतनी बड़ी खोज थी कि अमेरिकी स्पेस साइंस ऑर्गेनाइजेशन नासा ने भी पहले ही प्रयास में यह खोज करने के लिए भारत की पीठ थपथपाई थी। चंद्रयान-1 इसरो के मून मिशन का पहला यान था। इसे चंद्रमा तक पहुंचने में 5 दिन और उसका चक्कर लगाने के लिए कक्षा में स्थापित होने में 15 दिन लग गए थे। MIP की कल्पना पूर्व राष्ट्रपति और महान वैज्ञानिक एपीजे अब्दुल कलाम ने की थी। उनके सुझाव पर ही इसरो के वैज्ञानिकों ने MIP बनाया था। कलाम चाहते थे कि भारतीय वैज्ञानिक चांद के एक हिस्से पर अपना निशान...

पढ़िए, आज के रसरंग की सारी स्टोरीज सिर्फ एक क्लिक पर

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1. दीपावली के मौके पर अर्थव्यवस्था के चेहरे पर मुस्कुराहट नजर आने लगी है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के अनुसार आगामी वित्त वर्ष 2021-22 में भारत की विकास दर दुनिया में सबसे अधिक 8.8 फीसदी रहेगी। विस्तार से जानने के लिए पढ़ें ये लेख... भारत पर फिर मेहरबान लक्ष्मी, जगमगाने लगा उम्मीद का दीया 2. 10वीं सदी के बाद मिला श्रीराम को भगवान का दर्जा। अहिल्या से शबरी तक, बदलती कथाओं के बारे में जानने के लिए पढ़ें, ये लेख... उदारता की इससे बड़ी मिसाल और कहां मिलेगी 3. दिवाली भगवान राम के अयोध्या लौटने की खुशी में मनाई जाती है। लेकिन, भगवान राम हैं तो भगवान विष्णु के ही अवतार। तो आज हम आपको बताते हैं भगवान विष्णु के वो रूप, जो अक्सर फिल्मों में दिखाए जाते हैं... हिंदी फिल्मों में बार-बार आते हैं ईश्वर के ये 10 अवतारी रूप 4. ये राक्षसी आंखों वाली ‘ओगर फेस्ड मकड़ी’ पैरों का उपयोग न केवल जाल फेंकने और सरपट दौड़ने के लिए, बल्कि सुनने के लिए भी करती हैं। उत्तर अमेरिका में पाई जाने वाली इस मकड़ी के बारे में विस्तार से जानने के लिए पढ़ें ये लेख... पैरों से सुनती हैं ये मकड़ियां, अपने शिकार पर खुद डाल देती ह...

पढ़िए, टाइम मैगजीन की इस हफ्ते की चुनिंदा स्टोरीज सिर्फ एक क्लिक पर

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1. बाइडेन के विजेता घोषित होने के बाद भी ट्रम्प हार मानने को तैयार नहीं हैं। राष्ट्रपति पद के हस्तांतरण से संबंधित पत्र भी अब तक बाइडेन को नहीं सौंपे गए हैं। राष्ट्रपति हस्तांतरण का पूरा विवाद पढ़ें, इस लेख में... डोनाल्ड ट्रम्प के अड़ंगे से अमेरिका संकट और भ्रम के बीच फंसा; जनादेश पलटने की आशंका बढ़ी 2. अमेरिकी राष्ट्रपति पद का विवाद खत्म होता दिखाई नहीं दे रहा है। बाइडेन की डेमोक्रेटिक पार्टी उन पर ट्रम्प के खिलाफ मुकदमा चलाने का जोर दे रही है। विशेषज्ञों का इस विषय पर क्या कहना है? जानें, इस लेख में... ट्रम्प पर मुकदमे चलाने के लिए बाइडेन पर दबाव पड़ेगा 3. टाइम मैग्जीन ने चुनाव परिणामों के विश्लेषण में पाया कि जिन इलाकों में वायरस का संक्रमण अधिक रहा, वहां ट्रम्प को ज्यादा वोट मिले। जानें, वायरस के असर का चुनावी गणित इस लेख में... ट्रम्प को उन क्षेत्रों में अधिक वोट जहां वायरस का प्रकोप ज्यादा 4. अमेरिका में कोरोना वायरस प्रभावितों का पता लगाने वाली कांटेक्ट ट्रेसिंग एप क्यों हुई विफल? जानें, इस लेख में... अमेरिका में कांटेक्ट ट्रेसिंग एप से ज्यादा फायदा क्यों नहीं हुआ आज की ...