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महाराष्ट्र के ठाणे में दुकान में आग लगी, दो दमकल कर्मियों सहित छह घायल

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कर्नाटक में कैबिनेट के विस्तार की अटकलों के बीच आज दिल्ली जाएंगे येदियुरप्पा

कर्नाटक मंत्रिमंडल में इस महीने बहुप्रतीक्षित विस्तार या फेरबदल हो सकने की... from NDTV Khabar - Latest https://ift.tt/2K0qsup via IFTTT

Shampoo से typhoon तक, जानें उन शब्दों को जो हिंदी ने अंग्रेजी को सिखाए

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सबसे ज्यादा बोली जाने के पैमाने पर, दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी भाषा। मातृभाषा भाषा के रूप में दुनिया चौथी बड़ी भाषा। इतनी विराट है हमारी हिंदी। भाषाओं पर रिसर्च और एनालिसिस करने वाले पब्लिकेशन एथनोलॉग के मुताबिक दुनिया में करीब 63.7 करोड़ लोग हिंदी बोलते हैं। आज विश्व हिंदी दिवस है। इस दिन हम इस हिंदी की इसी विराटता का उत्सव मना रहे हैं। उद्देश्य है दुनिया में हिंदी और आगे बढ़ाना। दरअसल, आज से ठीक 45 साल पहले यानी 10 जनवरी 1975 को नागपुर में पहला विश्व हिंदी सम्मेलन हुआ था। उसके बाद से मॉरीशस, त्रिनिदाद एंड टुबागो, यूनाइटेड किंगडम, सूरीनाम, अमेरिका, दक्षिण अफ्रीका और फिजी में 12 ऐसे सम्मेलन हो चुके हैं। उसी विशेष दिन को याद करते हुए 10 जनवरी 2006 से हम विश्व हिंदी दिवस मनाते हैं। ऐसे तो अंग्रेजी दुनिया में सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा है। मंदारिन चीनी दूसरे स्थान पर है। हिंदी समेत तमाम भाषाओं पर अंग्रेजी का असर साफ नजर आता है, मगर सिक्के का दूसरा पहलू भी है। हिंदी ने अंग्रेजी को भी हिंदी सिखा दी। तो आइये आज जानते हैं ऐसे तमाम शब्दों में कुछ दिलचस्प शब्दों को जो हिंदी ने अंग्रेजी क...

4 साल पहले UK से गांव लौटा कपल, अब यूट्यूब पर गाय-भैंस का वीडियो अपलोड कर कमा रहे 5 लाख रु. महीना

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रामदे और भारती किसी वीडियो में गाय-भैंस को चारा खिलाते दिखते हैं तो किसी में चूल्हे पर खाना बना रहे होते हैं। किसी वीडियो में खेत में काम करते नजर आते हैं, तो किसी में माता-पिता के साथ बात करते हुए दिखते हैं। इनके वीडियो न स्क्रिप्टेड होते हैं और न ही उसमें बहुत एडिटिंग की जाती है, लेकिन फिर भी ये यूट्यूब पर खूब देखे जाते हैं। महीने का साढ़े चार से पांच लाख रुपए सिर्फ यूट्यूब से कमा रहे हैं। कहते हैं कि यूट्यूब के लिए वीडियो तो शौक से बनाते हैं, मुख्य काम तो खेतीबाड़ी है। रामदे और भारती दोनों ही ब्रिटेन में रहते थे। रामदे की बहन UK में रहती हैं। उन्हीं के साथ वो 2006 से 2008 तक रहे फिर वापस लौट आए। शादी के बाद 2010 में फिर UK चले गए। वहां नौकरी करने लगे। भारती को पढ़ाई करनी थी तो वो वहीं से हॉस्पिटल मैनेजमेंट में ग्रैजुएशन करने लगीं। जिंदगी सैटल हो गई थी। भारती की पढ़ाई भी पूरी हो चुकी थी, उन्हें भी नौकरी मिल गई थी। लेकिन रामदे के मन में गांव में रह रहे अपने माता-पिता की चिंता थी। कहते हैं, 'मैं इकलौती संतान हूं इसलिए 2016 में सब छोड़कर गांव लौट आया।' घर में बाप-दादा सब खेती ही क...

ठंडक भरे इस मौसम में बनाकर देखें टेस्टी और हेल्दी चना-दाल-वड़ा सब्जी, सबको आएगी पसंद

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गांधीजी 21 साल बाद दक्षिण अफ्रीका से भारत लौटे थे, आते ही आजादी की लड़ाई में शामिल हो गए

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आज से ठीक 105 साल पहले की बात है। देश की राजधानी दिल्ली से करीब 1500 किलोमीटर दूर बंबई (अब मुंबई) शहर के अपोलो बंदरगाह पर हजारों कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद थे। इन्हें किसी का इंतजार था और जिनका इंतजार था, वो थे मोहनदास करमचंद गांधी और उनकी पत्नी कस्तूरबा गांधी। 1915 की उस 9 जनवरी की सुबह जैसे ही गांधीजी अपोलो बंदरगाह पर उतरे, इन कार्यकर्ताओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। गांधी 1893 में दक्षिण अफ्रीका गए थे। उस समय वो 24 साल के थे, लेकिन जब भारत लौटे तो 45 साल के अनुभवी वकील बन चुके थे। कहते हैं कि वो गांधी बनकर गए थे और महात्मा बनकर लौटे। मोहनदास करमचंद गांधी पर उस दिन देश के 25 करोड़ लोगों की निगाहें थीं और वो इसलिए, क्योंकि अफ्रीका में रहते हुए उन्होंने जो लड़ाई लड़ी, उसी ने भारतीयों को भी उम्मीद दी कि यही नेता हमें आजादी दिला सकता है। गांधी ऐसे वक्त में लौटे थे, जब भारत बहुत मुश्किल दौर से गुजर रहा था। 1905 में बंगाल के दो टुकड़े कर दिए गए। 1911 में ही हिंदुस्तान की राजधानी कलकत्ता से दिल्ली कर दी गई। कांग्रेस पार्टी भी 30 बरस की हो चुकी थी, लेकिन उसने भी अब तक आजादी के आंदोलन ...

विदेश में कमाने वाले भारतीय अब पैसा नहीं भेज पा रहे, कई महीनों तक स्थिति सुधरने के आसार नहीं

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भारत वह देश है, जहां विदेशों से लोग सबसे ज्यादा पैसा भेजते हैं, लेकिन इस साल कोरोना के चलते इसमें भारी गिरावट आई है। अप्रैल-जून 2020 की तिमाही में पिछले साल के मुकाबले 16.2 हजार करोड़ रुपए कम भेजे गए। वहीं, जुलाई-सितंबर की तिमाही में यह कमी 17.7 हजार करोड़ रुपए की रही। वर्ल्ड बैंक का अनुमान है कि 2020-21 में विदेशों से भारत भेजे जाने वाली रकम में 9% की गिरावट आएगी, जबकि कई सालों से विदेशों से भारत आने वाला पैसा लगातार बढ़ रहा था। 2019 में भी इसमें 5.5% की बढ़ोतरी हुई थी। कोरोना की वजह से विदेशों में लोगों की नौकरियां चली गईं और ऐसे कई लोग देश लौट आए। इस वजह से इस साल विदेशों से आने वाले पैसे में कमी आई। वंदे भारत के तहत 38 लाख लोगों को विदेशों से वापस लाई सरकार कोरोना से पहले तक 1.36 करोड़ NRI देश से बाहर थे। मई की शुरुआत से अब तक 38.4 लाख लोगों को वंदे भारत मिशन के तहत सरकार देश वापस ला चुकी है। इस दौरान कुल 6500 फ्लाइट्स चलाई गईं। वंदे भारत मिशन के तहत सिर्फ UAE से 4,57,596 लोगों को भारत वापस लाया गया, जो वहां की कुल आबादी का 5% है। नागरिक उड्डयन मंत्री के मुताबिक, वापस आए यात्रि...