Posts

बलबीर सिंह की क्रिया तब हो पाई जब परिवार ने लिया 60 हजार का कर्ज; इधर, 40 दिन पहले शादी की खुशियां थीं, अब मां बेहाल है

Image
अजनाला (अमृतसर). दिल्ली आंदोलन से लौटते समय 12 दिसंबर को अजनाला के बग्गा गांव के बलबीर सिंह की मौत हो गई थी। घर के मुखिया वही थे। किसान अनाज उपजाकर दूसरे लोगों का पेट भरता है, बलबीर सिंह की अंतिम किरया तब हो पाई जब आढ़ती से परिवार ने 60 हजार रुपए कर्ज लिया। बलबीर सिंह की अंतिम किरया शनिवार को उनके घर रखी गई थी। बलबीर सिंह के परिवार पर पहले से 5 लाख रुपए का कर्जा है। वह कर्जा बेटी की शादी के लिए बलबीर सिंह ने लिया था। अब बलबीर सिंह की पत्नी और दाेनाें बेटों के सामने सबसे बड़ा प्रश्न यही है कि घर का खर्च चलाना पहले से ही मुश्किल हो रहा था। उनके जाने के बाद अब वह इस कर्ज काे कैसे भरेंगे? पहले से ही परिवार पर है 5 लाख कर्ज बलबीर सिंह की पत्नी सर्बजीत कौर कहती हैं, उनके 2 बेटे हैं। बड़ा बेटा शमशेर बढ़ईगिरी का काम करता है जबकि छाेटा बेटा लवप्रीत मेडिकल स्टोर पर लगा है। 5 साल पहले घर की छत गिर गई थी। उसी समय बेटी मनप्रीत काैर की शादी भी तय हो गई। परिवार काे मजबूरी में बैंक से 5 लाख रुपए का कर्ज लेना पड़ गया। खेती में कमाई न हाेने की वजह से इस लोन की एक भी किस्त परिवार नहीं भर पाया है। सर्...

असम: तिवा स्वायत्त परिषद के चुनाव में बीजेपी की जोरदार जीत, 36 में से 33 सीटों पर कब्जा

असम में सत्तारूढ़ भाजपा ने तिवा स्वायत्त परिषद के चुनाव में 36 में से 33 सीट... from NDTV Khabar - Latest https://ift.tt/37zH70N via IFTTT

मध्यप्रदेश में कोरोना वायरस के 1085 और छत्तीसगढ़ में 1368 नए मामले

MP Coronavirus Update: मध्यप्रदेश में शनिवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 1,085 नए मामले सामने... from NDTV Khabar - Latest https://ift.tt/2KoRiwp via IFTTT

अमेरिका ने भारत के खिलाफ चीनी हमले से निपटने के लिए 740 अरब डॉलर का पॉलिसी बिल पारित किया है

Image
हम चीन के साथ गतिरोध के नौवें महीने में हैं, जो कि मेरे मई के पूर्वानुमान से काफी बाद में है, जिसमें मैंने कहा था कि हमें कैंपेनिंग सीजन, जो नवंबर में होता है, तक रुके रहना होगा। गुजरते समय के साथ इसपर मत भी बदलेंगे। पुनर्विश्लेषण से मुख्य मुद्दे पर नए विचार आएंगे कि क्या आकलन के लिए विवाद की स्थिति बनी रहे और यह चीन की मंशा है कि भारत-चीन के अच्छे से विकसित होते संबंध सैन्य टकराव में बदल जाएं। इससे हमें लगातार जवाब मिलेंगे, जिससे सामना करने की रणनीति बनाने में मदद मिलेगी। और भी देश हैं जिनका चीन के साथ झगड़ा है, लेकिन ऐसा सैन्य दबाव का प्रयास कहीं नहीं किया गया, जैसा भारत के साथ हुआ। चीन ने उन देशों के साथ वुल्फ वॉरियर डिप्लोमेसी अपनाई, जो कि कूटनीति की जंगी शैली है, जिसमें आमना-सामना करने की बस बातें की जाती हैं। हालांकि भारत पर इसे बहुत नहीं अपनाया गया। लद्दाख क्षेत्र में पर्याप्त संख्या में सैनिक भेजकर चीन ने ऐसी स्थिति उत्पन्न कर दी है, जो आपसी झड़प के जाने-पहचाने इलाकों में तो प्रभावी हो सकती है, लेकिन इसे किसी बड़े इलाके पर कब्जे के लिए अभियान चलाने में इस्तेमाल नहीं किया जा सकत...

कितनी ही दवाइयां खा लें, कोई भी बीमारी तब तक नहीं खत्म होगी, जब तक उसकी जड़ पर ध्यान नहीं दिया जाएगा

Image
अब यह तो बिना कहे ही समझा जा सकता है कि दुनियाभर में हम सभी का ‘इम्यूनिटी’ और इसे बढ़ाने वाली तमाम चीजों पर ध्यान है। यही हमारा लक्ष्य, हमारा मंत्र बन गया है। यह इस साल का सबसे ज्यादा गूगल किया गया शब्द भी था। जबकि इम्यूनिटी मानव स्वास्थ्य का आधार रही है, लेकिन यह समझने के लिए कि इस उपहार पर ध्यान देने की कितनी ज्यादा जरूरत है, हमें एक महामारी की जरूरत पड़ी। आने वाले वर्ष में, जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों की बढ़ती संख्या के बीच, हमारा मंत्र दरअसल इंफ्लेमेशन को कम रखना होगा। इंफ्लेमेशन यानी किसी बीमारी पर शरीर की वह प्रतिक्रिया जिसमें किसी हिस्से में सूजन, जलन, खुजली, लाल निशान पड़ना, फोड़े आदि लक्षण देखे जाते हैं। इंफ्लेमेशन नियंत्रित रखना होगा क्योंकि यही आज की सभी बीमारियों की जड़ है। कैंसर, वजन बढ़ना, पैनक्रियाटाइटिस से लेकर डाइबिटीज, किडनी रोग और ऑटोइम्यूनिटी (स्वप्रतिरक्षित रोग) तक, कोई भी बीमारी देखें, उसमें इंफ्लेमेशन होता है और मेडिकल की दुनिया में उन्हें इंफ्लेमेटरी बीमारियां कहते हैं। इंफ्लेमेशन जरूरी है और यह बुरी चीज नहीं है। यह पैथोजेन, बैक्टीरिया या किसी बाहरी तत्व आदि के प्रत...

रेलवे बोर्ड के सीईओ बोले-2024 तक सभी को मिलेगा कंफर्म टिकट; ऑन डिमांड चलाई जाएंगी ट्रेनें

Image
भारतीय रेलवे की याेजना मांग के अनुसार ट्रेनें चलाने की है। इससे सभी को कन्फर्म टिकट दिया जा सकेगा। इसके लिए रेलवे ने 2024 की समय सीमा तय की है। इसके साथ ही माल ढुलाई में रेलवे माैजूदा हिस्सेदारी 27% से बढ़ाकर 2030 तक 45% करने की तैयारी कर रहा है। रेलवे बोर्ड के चेयरमैन और सीईओ वीके यादव ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। ट्रेनाें काे सामान्य रूप से कब तक चलाया जाएगा, इस सवाल काे लेकर यादव ने कहा कि इस बारे में काेई निश्चित तारीख बता पाना संभव नहीं है। रेलवे बोर्ड के अनुसार, ट्रेनों में सालाना करीब 16 करोड़ वेटिंग टिकट बुक होते हैं। रेलवे बोर्ड के सीईओ बोले-2024 तक सभी को मिलेगा कंफर्म टिकट... इनमें से करीब 7 करोड़ से अधिक पैसेंजर्स के वेटिंग टिकट ट्रेन छूटने से पहले कन्फर्म हो जाते हैं और करीब 9 करोड़ के कन्फर्म नहीं हो पाते हैं। इनमें से ऑनलाइन बुक टिकट स्वत: ही कैंसिल हो जाते हैं, जबकि विंडो टिकट लेने वाले तमाम यात्री फर्श पर बैठकर यात्रा करते हैं। यह संख्या प्रति वर्ष बढ़ती जा रही है। वेटिंग खत्म करने के लिए ऑन डिमांड ट्रेनों को चलाए जाने की तैयारी है। नेशनल रेल प्लान के तहत फ्रेट काॅरीड...

2021 में 24 उपग्रहों को एक साथ किया जाएगा लॉन्च; 24 घंटे रियल टाइम इमेज से फसल-शहरों के बदलाव देखे जा सकेंगे

Image
इसरो अगले 8 माह में पहली बार किसी निजी भारतीय कंपनी का उपग्रह अंतरिक्ष में भेजेगा। बेंगलुरू में अंतरिक्ष तकनीकी से जुड़े स्टार्टअप पिक्सेल-इंडिया का अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट ‘आनंद’ इसरो के पीएसएलवी सी-51 रॉकेट के जरिए अगले साल अंतरिक्ष में जाएगा। ‘आनंद’ से पृथ्वी पर होने वाली किसी भी घटना की करीब-करीब 24 घंटे रियल टाइम इमेज उपलब्ध हो सकेगी। पिक्सेल के उपग्रहों की मदद से सीजन में फसल व मिट्‌टी में हो रहे बदलाव पर नजर रखी जा सकेगी। इसे लेकर कोई कदम उठाना है, तो इसकी सूचना भी रियल टाइम में पहुंचाई जा सकेगी। हालांकि सूचना पिक्सेल सीधे किसानों को नहीं देगी, बल्कि कोई अन्य कंपनी या एजेंसी पिक्सेल से डेटा हासिल कर किसानों को एसएमएस से देगी। इसी तरह वन क्षेत्र में हो रहे बदलाव या निकायों को सड़कों व अन्य बुनियादी ढांचों में हो रहे बदलावों की रियल टाइम जानकारी मिलेगी। हर डेटा 24 घंटे में मिलेगा अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट से ऐसी निगरानी अब भी हो होती है, पर पिक्सेल का डेटा हर 24 घंटे में मिलेगा। पिक्सेल के दो संस्थापकों में से एक क्षितिज खंडेलवाल ने बताया, ‘इन उपग्रहों से समस्याओं को जल्द पहचाना...